रब्वाह – पाकिस्तान के अहमदिया मुसलमानों में अगले साल होने वाले चुनाव को लेकर डर व्याप्त हो गया है। उन्हें आशंका है कि कट्टरपंथी मिजाज के मुस्लिमों को खुश करने के लिए मुख्यधारा के सियासी दल उनको चुनावी मुद्दा बना सकते हैं। इस कारण उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
कट्टरपंथी जमातें अहमदिया समुदाय को मुस्लिम मानती ही नहीं है। काफिर करार देकर इन पर तरह-तरह के जुल्म ढाए जाते हैं। सरकारी स्तर पर गैर मुस्लिम घोषित होने से शासन-प्रशासन में इस समुदाय के साथ बड़े पैमाने पर भेदभाव होता है।

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